ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने की स्थिति को लेकर असमंजस बरक़रार

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ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने की स्थिति को लेकर असमंजस बरक़रार

ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से अलग होने की स्थिति को लेकर असमंजस बरक़रार है। बीते सोमवार देर शाम ब्रिटैन की संसद में ब्रेक्ज़िट से जुड़े चार प्रस्तावों पर मतदान हुआ। ब्रेक्ज़िट के लिए आगे क्या किया जाए इससे जुड़े प्रस्तावों पर सांसद एक बार फिर सहमत नहीं हो सके।

ब्रितानी संसद में ब्रेक्ज़िट कैसे किया जाए इसके विकल्प तलाशने की कोशिशें हो रही हैं। संसद के निचले सदन हाऊस ऑफ़ कामंस में यूरोपीय संघ से अलग होने के चार प्रस्तावों पर मतदान हुआ। इनमें कस्टम यूनियन और नॉर्वे जैसी व्यवस्था, ब्रिटेन को सिंगल मार्केट (एक बाज़ार) में बरक़रार रखने पर भी मतदान हुआ। लेकिन किसी भी विकल्प को बहुमत नहीं मिल सका।

संसद में हुआ ये मतदान क़ानूनी तौर पर बाध्यकारी नहीं है, ऐसे में यदि किसी प्रस्ताव को बहुमत मिल भी जाता तो सरकार उसे मानने के लिए बाध्य नहीं होती। इससे पहले प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे के यूरोपीय संघ के साथ ब्रेक्ज़िट की शर्तों को लेकर किए गए समझौतों को दो बार संसद ऐतिहासिक अंतर से नकार चुकी है।

वहीं शुक्रवार को हुए एक और मतदान में संसद उनके अलग होने के समझौते को फिर से नकार चुकी है। अब प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे के पास 12 अप्रैल तक का समय है। उन्हें यूरोपीय संघ से ब्रेक्ज़िट के लिए अतिरिक्त समय लेने या बिना समझौता किए ही अलग होने का फ़ैसला करना है।

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